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Sunday, 25 December 2016

‘मन की बात’

‘मन की बात’
प्रसारण तिथि: 25.12.2016

मेरे प्यारे देशवासियो, नमस्कार | आप सभी को क्रिसमस की अनेक-अनेक शुभकामनायें | आज का दिन सेवा, त्याग और करुणा को अपने जीवन में महत्व देने का अवसर है | ईसा मसीह ने कहा “गरीबों को हमारा उपकार नहीं, हमारा स्वीकार चाहिये” | Saint Luke के Gospel में लिखा है “जीसस ने न केवल गरीबों की सेवा की है, बल्कि गरीबों के द्वारा की गयी सेवा की भी सराहना की है” और यही तो असली empowerment है | इससे जुड़ी एक कहानी भी बहुत प्रचलित है | उस कहानी में बताया गया है कि जीसस एक temple treasury के पास खड़े थे | कई अमीर लोग आए, ढेर सारे दान दिए | उसके बाद एक ग़रीब विधवा आई और उसने दो तांबे के सिक्के डाले | एक तरह से देखा जाए दो तांबे के सिक्के, कुछ मायने नहीं रखते | वहाँ खड़े भक्तों के मन में, कौतुहल होना बड़ा स्वाभाविक था, तब जीसस ने कहा, कि उस विधवा महिला ने सबसे ज्यादा दान किया है, क्योंकि औरों ने बहुत कुछ दिया, लेकिन इस विधवा ने तो अपना सब कुछ दे दिया है | 

आज 25 दिसम्बर, महामना मदन मोहन मालवीय जी की भी जयन्ती है | भारतीय जनमानस में संकल्प और आत्मविश्वास जगाने वाले मालवीय जी ने आधुनिक शिक्षा को एक नई दिशा दी | उनकी जयन्ती पर भाव-भीनी श्रद्धांजलि | अभी दो दिन पहले, मालवीय जी की तपोभूमि बनारस में मुझे कई सारे विकास के कार्यों का शुभारम्भ करने का अवसर मिला | मैंने वाराणसी में, BHU में, महामना मदन मोहन मालवीय Cancer Centre का भी शिलान्यास किया है | इस पूरे क्षेत्र में निर्माण हो रहा है एक Cancer Centre | न सिर्फ़ पूर्वी उत्तर-प्रदेश, लेकिन, झारखण्ड-बिहार तक के लोगों के लिये एक बहुत बड़ा वरदान होगा |

आज, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी जन्मदिन है | ये देश अटल जी के योगदान को कभी नहीं भुला सकता | उनके नेतृत्व में हमने परमाणु शक्ति में भी, देश का सिर ऊपर किया | पार्टी नेता हो, संसद सदस्य हो, मंत्री हो या प्रधानमंत्री, अटल जी ने प्रत्येक भूमिका में, एक आदर्श को प्रतिष्ठित किया | अटल जी के जन्मदिन पर मैं उनको प्रणाम करता हूँ और उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिये ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ | एक कार्यकर्ता के नाते अटल जी के साथ कार्य करने का सौभाग्य मिला | अनेक स्मृतियाँ आँखों के सामने उभर करके आती हैं | आज सुबह-सुबह जब मैंने tweet किया तो एक पुराना video भी मैंने share किया है | एक छोटे कार्यकर्ता के रूप में अटल जी का स्नेह-वर्षा का सौभाग्य कैसा मिलता था, उस video को देख करके ही पता चलेगा |

आज क्रिसमस के दिन, सौगात के रूप में, देशवासियों को दो योजनाओं का लाभ मिलने जा रहा है | एक प्रकार से दो नवतर योजनाओं का आरम्भ हो रहा है | पूरे देश में, गाँव हो या शहर हो, पढ़े लिखे हो या अनपढ़ हो, cashless क्या है! cashless कारोबार कैसे चल सकता है! बिना cash खरीदारी कैसे की जा सकती है! चारों तरफ़ एक जिज्ञासा का माहौल बना है | हर कोई एक-दूसरे से सीखना-समझना चाहता है | इस बात को बढ़ावा देने के लिये, mobile banking को ताक़त मिले इसलिये, e-payment की आदत लगे इसलिये, भारत सरकार ने, ग्राहकों के लिये और छोटे व्यापारियों के लिये ‘प्रोत्साहक योजना’ का आज से प्रारंभ हो रहा है | ग्राहकों को प्रोत्साहन करने के लिये योजना है - ‘lucky ग्राहक योजना और व्यापारियों को प्रोत्साहन करने के लिये योजना है - Digi धन व्यापार योजना’ |  

आज 25 दिसम्बर को क्रिसमस की सौगात  के रूप में, पंद्रह हज़ार लोगों को draw system से ईनाम मिलेगा और पंद्रह हज़ार के हर-एक के खाते में एक-एक हज़ार रूपये का ईनाम जाएगा और ये सिर्फ़ आज एक दिन के लिये नहीं है, ये योजना आज से शुरू हो करके 100 दिन तक  चलने वाली है | हर दिन, पंद्रह हज़ार लोगों को एक-एक हज़ार रूपये का ईनाम मिलने वाला है | 100 दिन में, लाखों परिवारों तक, करोड़ों रुपयों की सौगात पहुँचने वाली है, लेकिन, ये ईनाम के हक़दार आप तब बनेंगे जब आप mobile banking, e-banking, RuPay Card, UPI, USSD ये जितने digital भुगतान के तरीक़े हैं उनका उपयोग करोगे, उसी के आधार पर draw निकलेगा | इसके साथ-साथ ऐसे ग्राहकों के लिये सप्ताह में एक दिन बड़ा draw होगा जिसमें ईनाम भी लाखों में होंगे और तीन महीने के बाद, 14 अप्रैल डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जन्म जयन्ती है उस दिन एक bumper draw होगा जिसमें करोड़ों के ईनाम होंगे | ‘Digi धन व्यापार योजना’ प्रमुख रूप से व्यापारियों के लिये है | व्यापारी स्वयं इस योजना से जुडें और अपना कारोबार भी cashless बनाने के लिए ग्राहकों को भी  जोड़ें | ऐसे व्यापारियों को भी अलग़ से ईनाम दिये  जाएँगे और ये ईनाम हज़ारों की तादात में हैं | व्यापारियों का अपना व्यापार भी चलेगा और ऊपर से ईनाम का अवसर भी मिलेगा |

 ये योजना, समाज के सभी वर्गों, खास करके ग़रीब एवं निम्न मध्यम-वर्ग, उनको केंद्र में रख करके बनायी गई है और इसलिये जो 50 रूपये से ऊपर खरीदते हैं और तीन हज़ार से कम पैसों की खरीदी करते हैं, उन्हीं को इसका लाभ मिलेगा | तीन हज़ार रुपये से ज़्यादा खरीदी करने वाले को इस ईनाम का लाभ नहीं मिलेगा | ग़रीब से ग़रीब लोग भी USSD का इस्तेमाल कर feature फोन, साधारण फोन के माध्यम से भी सामान खरीद भी सकते हैं, सामान बेच भी सकते हैं और पैसों का भुगतान भी कर सकते हैं और वे सब इस ईनाम योजना के लाभार्थी भी बन सकते हैं | ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग AEPS के माध्यम से खरीद-बिक्री कर सकते हैं और वे भी ईनाम जीत सकते हैं | कइयों को आश्चर्य होगा, भारत में आज लगभग 30 करोड़ RuPay Card हैं, जिसमें से 20 करोड़ ग़रीब परिवार जो जन-धन खाता वाले लोग हैं, उनके पास है | ये 30 करोड़ लोग तो तुरंत इस ईनामी योजना का हिस्सा बन सकते हैं | मुझे विश्वास है कि देशवासी इस व्यवस्था में रुचि लेंगे और आपके अगल-बगल में जो नौजवान होंगे, वो ज़रूर इन चीज़ों को जानते होंगे, आप थोड़ा सा उनको पूछोगे वो बता देंगे | अरे, आपके परिवार में भी 10वीं-12वीं का बच्चा होगा, तो वो भी भली-भाँति चीज़ आपको सिखा देगा | ये बहुत सरल है - जैसे आप मोबाइल फोन से WhatsApp भेजते हैं न उतना ही सरल है |

      मेरे प्यारे देशवासियो, मुझे ये जान करके ख़ुशी होती है कि देश में technology का उपयोग कैसे करना, e-payment कैसे करना, online payment कैसे करना, इसकी जागरूकता बहुत तेज़ी से बढ़ रही है | पिछले कुछ ही दिनों में cashless कारोबार, बिना नगद का कारोबार, 200 से 300 प्रतिशत बढ़ा है | इसको बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है | ये फैसला कितना बड़ा है इसका अंदाज़ तो व्यापारी बहुत अच्छी तरह लगा सकते हैं | जो व्यापारी digital लेन-देन करेंगे, अपने कारोबार में नगद के बज़ाय online payment की पद्धति विकसित करेंगे, ऐसे व्यापारियों को Income Tax में  छूट दे दी गई है |

मैं देश के सभी राज्यों को भी बधाई देता हूँ | Union Territory को भी बधाई देता हूँ | सबने अपने-अपने प्रकार से इस अभियान को आगे बढ़ाया है | आंध्र के मुख्यमंत्री श्रीमान् चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में एक committee भी बनाई है, जो इसके लिये अनेक योजनाओं पर विचार कर रही है, लेकिन मैंने देखा कि सरकारों ने भी अपने तरीक़े से कई योजनाएँ लागू की है, आरंभ की है |

 किसी ने मुझे बताया की असम सरकार ने property tax और व्यापार license fee का digital भुगतान करने पर 10 फ़ीसदी छूट देने का निर्णय किया है | ग्रामीण बैंको के branch अपने 75% उपभोक्ता से जनवरी से मार्च के बीच कम से कम दो digital transaction करवाते हैं, तो उन्हें सरकार की ओर से 50 हज़ार रूपये ईनाम मिलने वाले हैं | 31 मार्च 2017 तक अगर 100% digital transaction करने वाले गाँवों को सरकार की ओर से Uttam Panchayat for Digi-Transaction के तहत 5 लाख रुपये का ईनाम देने की उन्होंने घोषणा की है | उन्होंने किसानों के लिये Digital Krishak Shiromani असम सरकार ने ऐसे पहले 10 किसानों को 5 हज़ार रुपया ईनाम देने का निर्णय किया है जो बीज और खाद की ख़रीद के लिए पूरी तरह digital भुगतान का इस्तेमाल करते हैं | मैं असम सरकार को बधाई देता हूँ लेकिन इस प्रकार से initiative लिये सभी सरकारों को बधाई देता हूँ | कई Organisations ने भी गाँव ग़रीब किसानों के बीच digital लेन-देन को बढ़ावा देने के कई सफल प्रयोग किये हैं | मुझे किसी ने बताया GNFC Gujarat Narmada valley Fertilizer और Chemical limited जो मुख्यतः खाद का काम करता है, उन्होंने किसानों को सुविधा हो इसलिये एक हज़ार Pose Machine खाद जहाँ बेचते हैं, वहाँ लगाए हैं और कुछ ही दिनों में 35 हज़ार किसानों को 5 लाख खाद के बोरे digital भुगतान के माध्यम से कर दिये और ये सब सिर्फ दो हफ्ते में किया है | और मज़ा यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में GNFC की खाद की बिक्री में 27 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है |

      भाइयो-बहनो, हमारी अर्थव्यवस्था में, हमारी जीवन व्यवस्था में, Informal Sector बहुत बढ़ा है और ज्यादातर इन लोगों का मज़दूरी का पैसा, काम का पैसा या पगार नग़द में दिया जाता है, Cash में salary दी जाती है और हमें पता है, उसके कारण मजदूरों का शोषण भी होता है | 100 रूपए मिलने चाहिये तो 80 मिलते हैं, 80 मिलने चाहिये तो 50 मिलते हैं और insurance जैसे health sector की दृष्टि से अन्य कई सुविधाएँ होती हैं उससे वो वंचित रह जाते हैं लेकिन अब cashless payment हो रहा है | 

सीधा पैसा बैंक में जमा हो रहा है | एक प्रकार से Informal Sector formal convert होता जा रहा है, शोषण बंद हो रहा है, cut देना पड़ता था वो cut भी अब बंद हो रहा है और मज़दूर को, कारीगर को, ऐसे ग़रीब व्यक्ति को पूरे पैसे मिलना संभव हुआ है | साथ-साथ अन्य जो लाभ मिलते हैं वे लाभ का भी वो हक़दार बन रहा है | हमारा देश तो सर्वाधिक युवाओं वाला देश है | Technology हमें सहज़ साध्य है | भारत जैसे देश ने तो इस क्षेत्र में सबसे आगे होना चाहिये | हमारे नौजवानों ने Start-Up से काफ़ी प्रगति की है | ये digital movement एक सुनहरा अवसर है हमारे नौजवान नये-नये idea के साथ, नयी-नयी technology के साथ, नयी-नयी पद्धति के साथ इस क्षेत्र को जितना बल दे सकते हैं देना चाहिये, लेकिन देश को काले धन से, भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के अभियान में पूरी ताक़त से हमें जुड़ना चाहिये |

      मेरे प्यारे देशवासियो, मैं हर महीने ‘मन की बात’ के पहले लोगों से आग्रह करता हूँ कि आप मुझे अपने सुझाव दीजिये, अपने विचार बताइए और हज़ारों की तादाद में MyGov पर और NarendraModiApp पर इस बार जो सुझाव आये, मैं कह सकता हूँ 80-90 प्रतिशत सुझाव भ्रष्टाचार और काले धन के ख़िलाफ़ की लड़ाई के संबंध में आये, नोटबंदी की चर्चा आयी | इन सारी चीज़ों को जब मैंने देखा तो मैं मोटे-मोटे तौर पर कह सकता हूँ कि मैं उसको तीन भागों में विभाजित करता हूँ | कुछ लोगों ने जो मुझे लिखा है, उसमें नागरिकों को कैसी-कैसी कठिनाइयाँ हो रही है, कैसी असुविधायें हो रही हैं | इसके संबंध में विस्तार से लिखा है | लिखने वालों का दूसरा तबक़ा वो है जिन्होंने ज्यादातर उन बातों पर बल दिया है कि इतना अच्छा काम, देश की भलाई का काम, इतना पवित्र काम, लेकिन उसके बावजूद भी कहाँ-कहाँ कैसी-कैसी धांधली हो रही है, किस प्रकार से बेईमानी के नये-नये रास्ते खोज़े जा रहे हैं, इसका भी ज़िक्र लोगों ने किया है | और तीसरा वो तबक़ा है जिन्होंने जो हुआ है, उसका तो समर्थन किया है लेकिन साथ-साथ ये लड़ाई आगे बढ़नी चाहिये | भ्रष्टाचार, काला धन पूर्णतः नष्ट होना चाहिये, इसके लिए और कठोर कदम उठाने चाहिये तो उठाने चाहिये, ऐसा बड़ा ही बल दे करके लिखने वाले लोग भी हैं |

      मैं देशवासियों का आभारी हूँ कि इतनी सारी चिट्ठियाँ लिख करके मुझे आपने मदद की है | श्रीमान गुरुमणि केवल ने My Gov पर लिखा है काले धन पर लगाम लगाने का ये कदम प्रसंशा के योग्य है I हम नागरिकों को परेशानी हो रही है, लेकिन हम सब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं और इस लड़ाई में हम जो सहयोग दे रहे हैं, उससे हम खुश हैं I हम भ्रष्टाचार, काला धन इत्यादि के खिलाफ़ Military Forces की तरह लड़ रहे हैं I गुरु मणिकेवल जी ने जो बात लिखी है देश के हर कोने में से यही भावना उजागर हो रही है I हम सब इसको अनुभव कर रहे हैं I लेकिन ये बात सही है जब जनता कष्ट झेलती है, तकलीफ झेलती है तो कौन इंसान होगा जिसको पीड़ा न होती हो I जितनी पीड़ा आपको होती है, उतनी ही पीड़ा मुझे भी होती है I लेकिन एक उत्तम ध्येय के लिये, एक उच्च इरादे को पार करने के लिये, साफ नीयत के साथ जब काम होता है तो ये कष्ट के बीच, दुख के बीच, पीड़ा के बीच भी देशवासी हिम्मत के साथ डटे रहते हैं I ये लोग ही असल में Agent of Change बदलाव के पुरोधा हैं I

 मैं लोगों को एक और कारण के लिये भी धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने न केवल परेशानियाँ उठाई हैं, बल्कि उन चुनिन्दा लोगों को करारा जवाब भी दिया है, जो जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं I कितनी सारी अफवाहें फैलाइ गई I भ्रष्टाचार और काले धन जैसी लड़ाई को भी साम्प्रदायिकता के रंग से रंगने का भी कितना प्रयास किया गया I किसी ने अफवाह फैलाइ नोट पर लिखी Spelling गलत है, किसी ने कह दिया नमक का दाम बढ़ गया है, किसी ने अफवाह चला दी 2000 के नोट भी जाने वाली है, 500 और 100 के भी जाने वाली है, ये भी फिर से जाने वाला है, लेकिन मैंने देखा भाँति-भाँति अफवाहों के बावज़ूद भी देशवासियों के मन को कोई डुला नहीं सका है I इतना ही नहीं, कई लोग मैदान में आए, अपने Creativity के द्वारा , अपने बुद्धि शक्ति के द्वारा अफवाह फैलाने वालों को भी बेनकाब किया, अफवाहों को भी बेनकाब कर दिया और सत्य लाकर के खड़ा कर दिया I मैं जनता के इस सामर्थ्य को भी शत-शत नमन करता हूँ I

मेरे प्यारे देशवासियो, ये मैं साफ अनुभव कर रहा हूँ, हर पल अनुभव कर रहा हूँ I जब सवा-सौ करोड़ देशवासी आपके के साथ खड़े हों तब कुछ भी असंभव नहीं होता है और जनता जनार्दन ही तो ईश्वर का रूप होती है और जनता के आशीर्वाद, ईश्वर के ही आशीर्वाद बन जाते हैं I मैं देश की जनता को धन्यवाद देता हूँ, उन्हें नमन करता हूँ कि भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ इस महायज्ञ में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया है I मैं चाहता था कि सदन में भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है राजनैतिक दलों के लिये भी, Political Funding के लिये भी, व्यापक चर्चा हो I अगर सदन चला होता तो ज़रूर अच्छी चर्चा होती I जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं कि राजनैतिक दलों को सब छूट-छाट है, ये गलत है I 

कानून सब के लिये समान होता है और कानून का पालन भी चाहे व्यक्ति हो, संगठन हो या राजनैतिक दल हो, हर किसी को कानून का पालन करना ही होता है और करना ही पड़ेगा I जो लोग खुल कर के भ्रष्टाचार और काले धन का समर्थन नहीं कर पाते हैं, वे सरकार की कमियाँ ढूंढने के लिए पूरी देर लगे रहते हैं I एक बात ये भी आती है बार-बार नियम क्यों बदलते हैं I ये सरकार जनता-जनार्दन के लिये है I जनता का लगातार feedback लेने का प्रयास सरकार करती है I 

जनता-जनार्दन को कहाँ कठिनाई हो रही है! किस नियम के कारण दिक्कत आती है! उसका क्या रास्ता खोजा जा सकता है! हर पल सरकार एक सवेंदनशील सरकार होने के कारण जनता-जनार्धन की सुख-सुविधा को ध्यान में रखते हुए जितने भी नियम बदलने पड़ते हैं, बदलती है, ताकि लोगों की परेशानी कम हो I दूसरी तरफ, मैंने पहले ही दिन कहा था, 8 तारीख को कहा था, ये लड़ाई असामान्य है I 70 साल से बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में कैसी शक्तियाँ जुड़ी हुई है? उनकी ताक़त कितनी है? ऐसे लोगों से मैंने जब मुकाबला करना ठान लिया है तो वे भी तो सरकार को पराजित करने के लिए रोज नये तरीके अपनाते हैं I जब वो नये तरीके अपनाते हैं तो हमें भी तो उसके काट के लिये नया तरीका अपनाना पड़ता है I तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात, क्योंकि हमने तय किया है कि भ्रष्टाचारियों को, काले कारोबारों को, काले धन को, मिटाना है I दूसरी तरफ, कई लोगों के पत्र इस बात को लेकर के आए हैं जिसमें किस प्रकार की धाँधलियां हो रही हैं, किस प्रकार से नये-नये रास्ते खोजे जा रहे हैं इसकी चर्चा है I

मैं प्यारे देशवासियों को एक बात का हृदय से अभिनन्दन करना चाहता हूँ I आज आप लोग टी.वी. पर समाचार-पत्रों में देखते होंगे! रोज़ नये-नये लोग पकड़े जा रहे हैं! नोटें पकड़े जा रहे हैं! छापे मारे जा रहे है! अच्छे-अच्छे लोग पकड़े जा रहे हैं I ये कैसे संभव हुआ है? मैं Secret बता दूँ I Secret ये है कि जानकारियाँ मुझे लोगों की तरफ से मिल रही हैं I सरकारी व्यवस्था से जितनी जानकारी आती है उस से अनेक गुना ज्यादा सामान्य नागरिकों से जानकारियाँ आ रही हैं और ज्यादातर हमें सफलता मिल रही है वो जन-सामान्य की जागरूकता के कारण मिल रही है I कोई कल्पना कर सकता है - मेरे देश का जागरूक नागरिक ऐसे तत्वों को बेनकाब करने के लिए कितना risk ले रहा है और जो जानकारियाँ आ रही हैं उसमें ज्यादातर सफलता मिल रही है I मुझे विश्वास है कि सरकार ने इसके लिये जो एक e-mail address इस प्रकार की ख़बरें देना चाहते हैं उनके लिए बनाया है I उस पर भी भेज सकते हो, MyGov पर भी भेज सकते हो I सरकार ऐसी सारी बुराइयों के साथ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है और जब आपका सहयोग है तो फिर लड़ना बहुत आसान है I

तीसरे पत्र, लेखकों का ग्रुप ऐसा है, वे भी बहुत बड़ी संख्या में हैं  I वो कहते हैं मोदी जी थक मत जाना, रुक मत जाना और जितना कठोर कदम उठा सकते हो, उठाओ, लेकिन अब एक बार रास्ता पकड़ा है तो मंजिल तक पहुंचना ही है I मैं ऐसे पत्र लिखने वाले सब को विशेष रूप से धन्यवाद करता हूँ क्योंकि उनके पत्र में एक प्रकार से विश्वास भी है, आशीर्वाद भी है I मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि ये पूर्ण विराम नहीं है, ये तो अभी शुरुआत है, ये जंग जीतना है और थकने का तो सवाल ही कहाँ उठता है, रुकने का तो सवाल ही नहीं उठता है और जिस बात पर सवा-सौ करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद हो, उसमें तो पीछे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है I आपको मालूम होगा हमारे देश में ‘बेनामी संपत्ति’ का एक कानून है I Nineteen Eighty Eight उन्नीस सौ अठास्सी में बना था, लेकिन कभी भी न उसके Rules बनें, उसको Notify नहीं किया, ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पड़ा रहा I हमनें उसको निकाला है और बड़ा धार-धार ‘बेनामी संपत्ति’ का कानून हमने बनाया है I आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा I देशहित के लिये, जनहित के लिये, जो भी करना पड़े, ये हमारी प्राथमिकता है I

मेरे प्यारे देशवासियो, पिछली बार भी ‘मन की बात’ में मैंने कहा था कि इन कठिनाइयों के बीच भी हमारे किसानों ने कड़ी मेहनत कर के ‘बुवाई’ में पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया I कृषि क्षेत्र के दृष्टि से ये शुभ संकेत हैं I इस देश का मजदूर हो, इस देश का किसान हो, इस देश का नौजवान हो इन सब के परिश्रम आज नये रंग ला रहे हैं I पिछले दिनों विश्व के ‘अर्थ मंच’ पर भारत ने अनेक क्षेत्र में अपना नाम बड़े गौरव के साथ अंकित करवाया है I हमारे देशवासियों के लगातार प्रयासों का परिणाम है कि अलग-अलग Indicators के ज़रिये अलग-अलग Indicators के ज़रिये भारत की वैश्विक ranking में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है I World Bank की doing business report में भारत की ranking बढ़ी है I हम भारत में business practices को दुनिया के  best Practices के बराबर बनाने का तेज़ी से प्रयास कर रहे हैं और सफलता मिल रही है I UNCTAD उसके द्वारा जारी world investment report के अनुसार top prospective host economies for 2016-18 में भारत का स्थान तीसरा पहुँच गया है I World Economic Forum के  global competitiveness  Report में भारत ने 32 Rank की छलांग लगाई है I global innovation index 2016 में हमने 16 स्थानों की बढ़त हासिल की है और World Bank के Logistics Performance Index 2016 में 19 rank की बढ़ोतरी हुई है I कई report ऐसे हैं जिसके मूल्यांकन भी इसी ओर इशारा करते हैं I भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है I

मेरे प्यारे देशवासियो, इस बार संसद का सत्र देशवासियों की नाराज़गी का कारण बना, चारों तरफ संसद के गतिविधि के संबंध में रोष प्रकट हुआ I राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति जी ने भी प्रकट रूप से नाराज़गी व्यक्त की, लेकिन इस हालत में भी, कभी-कभी कुछ अच्छी बात भी हो जाती है और तब मन को एक बहुत संतोष मिलता है I संसद के हो-हल्ले के बीच एक ऐसा उत्तम काम हुआ जिसकी तरफ देश का ध्यान नहीं गया है I भाइयो-बहनो, आज मुझे इस बात को बताते हुए गर्व और हर्ष की अनुभूति हो रही है कि दिव्यांग-जनों पर जिस Mission को ले करके मेरी सरकार चली थी, उससे जुड़ा एक बिल संसद में पारित हो गया, इसके लिये मैं लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूँ, देश के करोड़ों दिव्यांग-जनों की तरफ से आभार व्यक्त करता हूँ I दिव्यांगों के लिए हमारी सरकार Committed है I 

मैंने निजी-तौर पर भी इसे लेकर मुहिम को गति देने की कोशिश भी की है I मेरा इरादा था, दिव्यांग-जनों को उनका हक़ मिले, सम्मान मिले, जिसके वो अधिकारी हैं I हमारे प्रयासों और भरोसों को हमारे दिव्यांग भाई-बहनों ने उस वक़्त और मजबूती दी जब वे Paralympics में चार Medal जीत करके ले आये, उन्होंने अपनी जीत से न केवल देश का मान बढ़ाया बल्कि अपनी क्षमता से लोगों को आश्चर्य चकित भी कर दिया I हमारे दिव्यांग भाई-बहन भी देश के हर नागरिक की तरह हमारी एक अनमोल विरासत है, अनमोल शक्ति है I मैं आज बेहद खुश हूँ कि दिव्यांग-जनों के हित के लिए ये कानून पास होने के बाद दिव्यांगों के पास नौकरी के ज्यादा अवसर होंगे I सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा बढ़ा करके 4%  कर दी गयी है I इस कानून से दिव्यांगो की शिक्षा, सुविधा और शिकायतों के लिए विशेष प्रावधान भी किये गए हैं I दिव्यांगों को ले करके सरकार कितनी संवेदनशील है इसका अंदाज़ आप इस बात से लगा सकते हैं कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्ष में दिव्यांग-जनों के लिए चार हज़ार तीन सौ पचास कैंप लगाए I तीन सौ बावन करोड़ रूपयों की राशि खर्च करके पाँच लाख अस्सी हज़ार दिव्यांग भाई-बहनों को उपकरण बाँटे I सरकार ने United Nation की भावना के अनुरूप ही नया कानून पारित किया है I पहले दिव्यांगों की श्रेणी सात प्रकार की हुआ करती थी, लेकिन अब कानून बना करके उसे इक्कीस प्रकार की कर दी गई हैं I इसमें चौदह नई श्रेणियाँ और जोड़ दी हैं I दिव्यांगों की कई ऐसी श्रेणियाँ शामिल की गयी हैं जिसे पहली बार न्याय मिला है, अवसर मिला है I जैसे- Thalassemia, Parkinson’s, या फिर बौनापन, ऐसे क्षेत्रों को भी इस श्रेणी के साथ जोड़ दिया गया है I

मेरे युवा साथियो, पिछले कुछ हफ्तों में खेल के मैदान में ऐसी ख़बरें आईं जिसने हम सब को गौरवान्वित कर दिया I भारतीय होने के नाते हम सब को गर्व होना बहुत स्वाभाविक है I भारतीय cricket टीम की इंग्लैंड के खिलाफ़ चार शून्य से सीरीज में जीत हुई है I इसमें कुछ युवा खिलाड़ियों की Performance काबिले तारीफ़ रही I हमारे नौजवान करुण नायर ने Triple Century लगाई, तो, के.एल. राहुल ने 199 रनों की पारी खेली I टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने तो अच्छी batting के साथ-साथ अच्छा नेतृत्व भी दिया I भारतीय क्रिकेट टीम के off-spinner गेंदबाज आर. अश्विन को ICC ने वर्ष 2016 का ‘Cricketer Of The Year’ और ‘Best Test Cricketer घोषित किया है I इन सब को मेरी बहुत-बहुत बधाईयाँ, ढेर सारी शुभकामनायें I हॉकी के क्षेत्र में भी पंद्रह साल के बाद बहुत अच्छी खबर आई, शानदार खबर आई | Junior Hockey Team ने World Cup पर कब्ज़ा कर लिया I पंद्रह साल के बाद ये मौका आया है जब Junior Hockey Team ने World Cup जीता I इस उपलब्धि के लिये नौजवान खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई |  ये उपलब्धि भारतीय हॉकी टीम के भविष्य के लिये शुभ संकेत है I पिछले महीने हमारी महिला खिलाड़ियों ने भी कमाल करके दिखाया I भारत की महिला हॉकी टीम ने Asian Champions Trophy भी जीती और अभी-अभी कुछ ही दिन पहले Under 18 Asia Cup भारत की महिला हॉकी टीम ने Bronze Medal हासिल किया I मैं क्रिकेट और हॉकी टीम के सभी खिलाड़ियों को ह्रदय से बहुत-बहुत अभिनन्दन करता हूँ I


मेरे प्यारे देशवासियो, 2017 का वर्ष नई उमंग और उत्साह का वर्ष बने, आपके सारे संकल्प सिद्ध हों, विकास की नई ऊँचाइयों को हम पार करें I सुख चैन की ज़िन्दगी जीने के लिए ग़रीब से ग़रीब को अवसर मिले, ऐसा हमारा 2017 का वर्ष रहे I 2017 के वर्ष के लिये  मेरी तरफ से सभी देशवासियों को अनेक-अनेक शुभकामनायें I   
    
  बहुत-बहुत धन्यवाद I


 Listen here: https://youtu.be/FiSS5IrcMlw

Sunday, 26 June 2016

‘मन की बात’ प्रसारण तिथि 26.06.2016



मेरे प्यारे देशवासियो, आप सबको नमस्कार | गत वर्ष हमने गर्मी की भयंकर पीड़ा, पानी का अभाव, सूखे की स्थिति, न जाने कितनी-कितनी कसौटियों से गुजरना पड़ा | लेकिन पिछले दो हफ़्ते से, अलग-अलग स्थानों से बारिश की ख़बरें आ रही हैं | बारिश की खबरों के साथ-साथ, एक ताजगी का अहसास भी हो रहा है | आप भी अनुभव करते होंगे  और जैसे वैज्ञानिक बता रहे हैं, इस बार वर्षा अच्छी होगी, सर्वदूर होगी  और वर्षा ऋतु के पूरे कालखण्ड दरम्यान होगी | ये अपने आप में एक नया उत्साह भरने वाली ख़बरें हैं | मैं सभी किसान भाइयों को भी अच्छी वर्षा ऋतु की बहुत-बहुत शुभकामनायें देता हूँ |

हमारे देश में जैसे किसान मेहनत करता है, हमारे वैज्ञानिक भी देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बहुत सफलताएँ प्राप्त कर रहे हैं | और मेरा तो पहले से मत रहा है कि हमारी नई पीढ़ी वैज्ञानिक बनने के सपने देखे, विज्ञान में रूचि ले, आने वाली पीढ़ियों के लिये कुछ कर गुजरने की इच्छा के साथ हमारी युवा पीढ़ी आगे आए | मैं आज और भी एक खुशी की बात आपसे share करना चाहता हूँ | कल मैं पुणे गया था, Smart City Project  की वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में वहाँ कार्यक्रम था और वहाँ मैंने पुणे के College of Engineering के जिन विद्यार्थियों ने स्वयं की मेहनत से, स्वयं उपग्रह बनाया और जिसे 22 जून को प्रक्षेपित किया गया, उनको मिलने के लिए बुलाया था | क्योंकि मेरा मन करता था कि मैं इन मेरे युवा साथियों को देखूं तो सही ! उनको मिलूँ तो सही ! उनके भीतर जो ऊर्जा है, उत्साह है, उसका मैं भी तो अनुभव करूँ ! पिछले कई वर्षों से अनेक विद्यार्थियों ने इस काम में अपना योगदान दिया | ये academic satellite एक प्रकार से युवा भारत के हौसले की उड़ान का जीता जागता नमूना है | और ये हमारे छात्रों ने बनाया | इन छोटे से satellite के पीछे जो सपने हैं, वो बहुत बड़े हैं | उसकी जो उड़ान है, बहुत ऊँची है और उसकी जो मेहनत है, वो बहुत गहरी है | जैसे पुणे के छात्रों ने किया, वैसे ही तमिलनाडु, चेन्नई की सत्यभामा यूनिवर्सिटी के students द्वारा भी एक satellite बनाया गया और वो SathyabamaSat को भी प्रक्षेपित किया गया | हम तो बचपन से ये बातें सुनते आये हैं और हर बालक के मन में आसमान को छूने और कुछ तारों को मुठ्ठी में कैद करने की ख्वाहिश हमेशा रहती है और इस लिहाज़ से ISRO द्वारा भेजे गये, छात्रों के द्वारा बनाये हुए दोनों satellite मेरी दृष्टि से बहुत अहम् हैं, बेहद ख़ास हैं | ये सभी छात्र बधाई के पात्र हैं | मैं देशवासियों को भी बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूँ कि 22 जून को ISRO के हमारे वैज्ञानिकों ने एक साथ 20 satellite अन्तरिक्ष में भेजकर अपने ही पुराने रेकॉर्डों को तोड़ करके एक नया रिकॉर्ड बना दिया और ये भी खुशी की बात है कि भारत में ये जो 20 satellite launch किये गए, उसमें से 17 satellite अन्य देशों के हैं | अमेरिका सहित कई देशों के satellite launch करने का काम भारत की धरती से, भारत के वैज्ञानिकों के द्वारा हुआ और इनके साथ वही दो satellite, जो हमारे छात्रों ने बनाये थे, वे भी अन्तरिक्ष में पहुँचे | और ये भी विशेषता है कि ISRO ने कम लागत और सफलता की guarantee के चलते दुनिया में ख़ास जगह बना ली है और उसके कारण विश्व के कई देश launching के लिए आज भारत की तरफ़ नज़र कर रहे हैं |

मेरे प्यारे देशवासियो, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ ये बात अब भारत में जन-जन के मन की बात बन गयी है | लेकिन कुछ घटनायें उसमें एक नई ज़िंदगी ले आती हैं, नये प्राण भर देती हैं | इस बार 10वीं-12वीं की परीक्षाओं के जो नतीजे आये हैं, हमारी बेटियाँ मैदान मार रही हैं और गर्व होता है | और मेरे देशवासियों हम सब गर्व करें, ऐसी एक और महत्वपूर्ण बात - 18 जून को भारतीय वायु सेना में पहली बार first batch of women fighter pilots in the Indian Air Force, भारतीय वायुसेना में महिला लड़ाकू pilot की पहली batch, ये सुनते ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं न ! कितना गर्व होता है कि हमारे तीन Flying Officer बेटियाँ अवनि चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना, जिन्होंने हमें गौरव दिलाया है | इन तीन बेटियों की ख़ास बात है | Flying Officer अवनि मध्य प्रदेश के रीवा से हैं, Flying Officer भावना बिहार में बेगूसराय से हैं और Flying Officer मोहना गुजरात के बड़ोदरा से हैं | आपने देखा होगा कि तीनों बेटियाँ हिन्दुस्तान के मेट्रो शहर से नहीं हैं | वे अपने-अपने राज्यों की राजधानी से भी नहीं हैं | ये छोटे शहरों से होने के बावज़ूद भी इन्होंने आसमान जैसे ऊंचे सपने देखे और उसे पूरा करके दिखाया | मैं अवनि, मोहना, भावना इन तीनों बेटियों को और उनके माँ–बाप को भी ह्रदय से बहुत-बहुत शुभकामनायें देता हूँ |

    मेरे प्यारे देशवासियो, कुछ दिन पूर्व पूरे विश्व ने 21 जून को ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की वर्षगाँठ पर भव्य कार्यक्रम किये | एक भारतीय के नाते पूरा विश्व जब योग से जुड़ता है, तब हम अहसास करते हैं, जैसे दुनिया हमारे कल, आज और कल से जुड़ रही है | विश्व के साथ हमारा एक अनोखा नाता बन रहा है | भारत में भी एक लाख से अधिक स्थानों पर बहुत उमंग और उत्साह के साथ, भांति-भांति के रंग-रूप के साथ रंगारंग माहौल में अन्तर्राष्ट्रीय योग-पर्व मनाया गया | मुझे भी चंडीगढ़ में हजारों योग प्रेमियों के साथ उनके बीच योग करने का अवसर मिला | आबाल-वृद्ध सबका उत्साह देखने लायक था | आपने देखा होगा, पिछले सप्ताह भारत सरकार ने इस अन्तर्राष्ट्रीय योग-पर्व के निमित्त ही ‘सूर्य नमस्कार’ की डाक टिकट भी जारी की है | इस बार विश्व में ‘Yoga Day’ के साथ-साथ दो चीज़ों पर लोगों का विशेष ध्यान गया | एक तो अमेरिका के New York शहर में जहाँ संयुक्त राष्ट्र संघ की building है , उस building के ऊपर योगासन की भिन्न-भिन्न कृतियों का विशेष projection किया गया और वहाँ आते-जाते लोग उसकी फोटो लेते रहते थे और और दुनिया भर में वो फोटो प्रचलित हो गयी | ये बातें किस भारतीय को गौरव नहीं दिलाएँगी - ये बताइये न ! और भी एक बात हुई, technology अपना काम कर रही है | Social media की अपनी एक पहचान बन गयी है और इस बार योग में Twitter ने Yoga images के साथ celebration का एक हल्का-फुल्का प्रयोग भी किया | hashtag ‘Yoga Day’ type करते ही Yoga वाले images का चित्र हमारे मोबाइल फोन पर आ जाता था और दुनिया भर में वो प्रचलित हो गया | योग का मतलब ही होता है जोड़ना | योग में पूरे जगत को जोड़ने की ताक़त है | बस, ज़रूरत है, हम योग से जुड़ जाएँ |

मध्य प्रदेश के सतना से स्वाति श्रीवास्तव ने इस योग दिवस के बाद मुझे एक टेलीफोन किया और उसने मुझे एक message दिया है आप सबके लिए, लेकिन लगता है, शायद वो ज़्यादा मेरे लिए है: -

“मैं चाहती हूँ कि मेरा पूरा देश स्वस्थ रहे, उसका ग़रीब व्यक्ति भी निरोग रहे | इसके लिए मैं चाहती हूँ कि दूरदर्शन में हर एक सीरियल के बीच में जो सारे ad (ऐड) आते हैं, उसमें से किसी एक ad (ऐड) में योग के बारे में बताएँ | उसे कैसे करते हैं ? उसके क्या लाभ होते हैं ?”
स्वाति जी, आपका सुझाव तो अच्छा है, लेकिन अगर आप थोड़ा ध्यान से देखोगे, तो आपके ध्यान में आएगा; न सिर्फ़ दूरदर्शन इन दिनों भारत और भारत बाहर, टी.वी. मीडिया के जगत में प्रतिदिन योग के प्रचार में भारत के और दुनिया के सभी टी.वी. चैनल कोई-न-कोई अपना योगदान दे रही हैं | हर एक के अलग-अलग समय हैं | लेकिन अगर आप ध्यान से देखोगी, तो योग के विषय में जानकारी पाने के लिए ये सब हो ही रहा है | और मैंने तो देखा है, दुनिया के कुछ देश ऐसे हैं कि जहाँ चौबीसों घंटे योग को समर्पित चैनल भी चलती हैं | और आपको पता होगा कि मैं जून महीने में ‘अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस’ निमित्त प्रतिदिन Twitter और Facebook के माध्यम से हर दिन एक नये आसन का वीडियो शेयर करता था |  अगर आप आयुष मंत्रालय की वेबसाइट पर जायेंगे, तो 40-45 मिनट का एक-के-बाद एक शरीर के भिन्न-भिन्न अंगों के लिए किस प्रकार के योग कर सकते हैं, हर आयु के लोग कर सकते हैं, ऐसे सरल योगों का, योग का एक अच्छा वीडियो वेबसाइट पर उपलब्ध है | मैं आपको भी और आपके माध्यम से सभी योग के जिज्ञासुओं को कहूँगा कि वे ज़रूर इसके साथ जुड़ें |                

मैंने इस बार एक आवाहन किया है कि जब हम कहते हैं कि योग रोग मुक्ति का माध्यम है, तो क्यों न हम सब मिल कर के जितने भी School of Thoughts हैं योग के सम्बन्ध में; हर एक के अपने-अपने तरीके हैं, हर एक के अपने-अपने priorities हैं, हर एक के अपने अलग-अलग अनुभव हैं, लेकिन सब का अंतिम लक्ष्य एक है I मैं इन जितने प्रकार के योग की विधायें चल रही हैं, जितने प्रकार के योग के Institutions चल रही हैं, जितने प्रकार के योग गुरु हैं, सबसे मैंने आग्रह किया है कि क्या हम पूरा ये वर्ष मधुमेह के खिलाफ, Diabetes के खिलाफ, योग के द्वारा एक सफल अभियान चला सकते हैं क्या ? क्या योग से Diabetes को Control किया जा सकता है ? कुछ लोगों को उसमें सफलता मिली है I हर-एक ने अपने-अपने तरीके से रास्ते खोजे हैं और हम जानते हैं कि Diabetes का वैसे कोई उपचार नहीं बताता है I दवाइयाँ ले कर के गुजारा करना पड़ता है और Diabetes ऐसा राज-रोग है कि जो बाकी सब रोगों का यजमान बन जाता है I भांति-भांति बीमारियों का वो entrance बन जाता है और इसलिए हर कोई Diabetes से बचना चाहता है I बहुत लोगों ने इस दिशा में काम भी किया है I कुछ Diabetic patients ने भी अपनी यौगिक practice के द्वारा उसको नियंत्रित किया है I क्यों न हम अपने अनुभवों को लोगों के बीच share करें I इसको एक momentum दें I साल भर एक माहौल बनाएँ I मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि ‘Hashtag Yoga Fights Diabetes’, मैं फिर से कह देता हूँ ‘Hashtag Yoga Fights Diabetes’ को use कर अपने अनुभव Social Media पर share करें या मुझे NarendraModiApp पर भेजें I देखें तो सही, किस के क्या अनुभव हैं, प्रयास तो करें | मैं आपको निमंत्रित करता हूँ “Hashtag Yoga Fights Diabetes” पर अपने अनुभवों को share करने के लिए I
मेरे प्यारे देशवासियो, कभी-कभी मेरे ‘मन की बात’ की बड़ी मजाक भी उड़ाई जाती है, बहुत आलोचना भी की जाती है, लेकिन ये इसलिये संभव है, क्योंकि हम लोग लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्ध हैं I लेकिन आज जब 26 जून, मैं आपसे बात कर रहा हूँ तब, ख़ासकर के नई पीढ़ी को कहना चाहता हूँ कि जिस लोकतंत्र का हम गर्व करते हैं, जिस लोकतंत्र ने हमें एक बहुत बड़ी ताकत दी है, हर नागरिक को बड़ी ताकत दी है; लेकिन 26 जून, 1975 वो भी एक दिन था I 25 जून की रात और 26 जून की सुबह हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए एक ऐसी काली रात थी कि भारत में आपातकाल लागू किया गया I नागरिकों के सारे अधिकारों को खत्म कर दिया गया I देश को जेलखाना बना दिया गया I जयप्रकाश नारायण समेत देश के लाखों लोगों को, हजारों नेताओं को, अनेक संगठनों को, जेल के सलाखों के पीछे धकेल दिया गया I उस भयंकर काली घटना पर अनेक किताबें लिखी गई हैं I अनेक चर्चायें भी हुई हैं, लेकिन आज जब मैं 26 जून को आपसे बात कर रहा हूँ, तब इस बात को हम न भूलें कि हमारी ताकत लोकतंत्र है, हमारी ताक़त लोक-शक्ति है, हमारी ताकत एक-एक नागरिक है I इस प्रतिबद्धता को हमें आगे बढ़ाना है, और ताकतवर बनाना है और भारत के लोगों की ये ताकत है कि उन्होंने लोकतंत्र को जी के दिखाया है I अखबारों पर ताले लगे हों, रेडियो एक ही भाषा बोलता हो, लेकिन दूसरी तरफ देश की जनता मौका पड़ते ही लोकतांत्रिक शक्तियों का परिचय करवा दे I ये बातें किसी देश के लिए बहुत बड़ी शक्ति का रूप हैं I भारत के सामान्य मानव की लोकतान्त्रिक शक्ति का उत्तम उदाहरण आपातकाल में प्रस्तुत हुआ है और लोकतान्त्रिक शक्ति का वो परिचय बार-बार देश को याद कराते रहना चाहिए I लोगों की शक्ति का एहसास करते रहना चाहिए और लोगों की शक्ति को बल मिले, इस प्रकार की हमारी हर प्रकार से प्रवृत्ति रहनी चाहिए और लोगों को जोड़ना चाहिए I मैं हमेशा कहता हूँ कि भाई, लोकतंत्र का मतलब ये नहीं होता कि लोग vote करें और पाँच साल के लिए आपको देश चलाने का contract दे दें I जी नहीं, vote करना तो लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण है, लेकिन और भी बहुत सारे पहलू हैं और सबसे बड़ा पहलू है जन-भागीदारी I जनता का मिजाज, जनता की सोच, और सरकारें जितनी जनता से ज्यादा जुड़ती हैं, उतनी देश की ताकत ज्यादा बढ़ती है I जनता और सरकारों के बीच की खाई ने ही हमारी बर्बादी को बल दिया है I मेरी हमेशा कोशिश है कि जन-भागीदारी से ही देश आगे बढ़ना चाहिए I
अभी-अभी जब मेरी सरकार के 2 साल पूरे हुए, तो कुछ आधुनिक विचार वाले नौजवानों ने मुझे सुझाव दिया कि आप इतनी बड़ी लोकतंत्र की बातें करते हैं, तो क्यों न आप अपनी सरकार का मूल्यांकन लोगों से करवाएँ I वैसे एक प्रकार से उनका चुनौती का ही स्वर था, सुझाव का भी स्वर था I लेकिन उन्होंने मेरे मन को झकझोर दिया I मैंने कुछ अपने वरिष्ठ साथियों के बीच में ये विषय रखा, तो प्रथम प्रतिक्रिया तो reaction ऐसा ही था कि नहीं-नहीं जी साहब, ये आप क्या करने जा रहे हो ? आज तो technology इतनी बदल चुकी है कि अगर कोई इकट्ठे हो जाये, कोई गुट बन जाये और technology का दुरूपयोग कर गये, तो पता नहीं Survey कहाँ से कहाँ ले जाएंगे I उन्होंने चिंता जाहिर की I लेकिन मुझे लगा, नहीं-नहीं, risk लेना चाहिए, कोशिश करनी चाहिए I देखें, क्या होता है, और मेरे प्यारे देशवासियो, खुशी की बात है कि जब मैंने technology के माध्यम से अलग-अलग भाषाओं का उपयोग करते हुए जनता को मेरी सरकार का मूल्यांकन करने के लिए आवाहन किया I चुनाव के बाद भी तो बहुत survey होते हैं, चुनाव के दरम्यान भी survey होते हैं, कभी-कभी बीच में कुछ issues पर भी survey होते हैं, लोकप्रियता पर survey होते हैं, लेकिन उसकी sample size ज्यादा नहीं होती है I आप में से बहुत लोगों ने ‘Rate My Government-MyGov.in’ पर अपना opinion दिया है I वैसे तो लाखों लोगों ने इसमें रूचि दिखाई लेकिन 3 लाख लोगों ने एक-एक सवाल का जवाब देने के लिए मेहनत की है, काफी समय निकाला है I मैं उन 3 लाख लोगों का बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने स्वयं सक्रियता दिखाई, सरकार का मूल्यांकन किया I मैं नतीजों की चर्चा नहीं करता हूँ, वो हमारे Media के लोग जरूर करेंगे I लेकिन एक अच्छा प्रयोग था, इतना तो मैं जरूर कहूँगा और मेरे लिए भी खुशी की बात थी कि हिंदुस्तान की सभी भाषाएँ बोलने वाले, हर कोने में रहने वाले, हर प्रकार के background वाले लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और सबसे बड़ी मेरे लिए अचरज़ तो है ही है कि भारत सरकार की जो ग्रामीण रोजगार की योजना चलती है, उस योजना की जो Website है, उस Portal पर सब से ज्यादा लोगों ने बढ़-चढ़ कर के हिस्सा लिया I इसका मतलब कि ग्रामीण जीवन से जुड़े, गरीबी से जुड़े हुए लोगों का इसमें बहुत बड़ा सक्रिय योगदान था, ऐसा मैं प्राथमिक अनुमान लगाता हूँ I ये मुझे और ज्यादा अच्छा लगा I तो आपने देखा, एक वो भी दिन था, जब कुछ वर्ष पहले 26 जून को जनता की आवाज दबोच दी गई थी और ये भी वक्त है कि जब जनता खुद तय करती है, बीच-बचाव तय करती है कि देखें तो सही, सरकार ठीक कर रही है कि गलत कर रही है, अच्छा कर रही है, बुरा कर रही है I यही तो लोकतंत्र की ताकत है I
मेरे प्यारे देशवासियो, आज मैं एक बात के लिए विशेष आग्रह करना चाहता हूँ I एक ज़माना था, जब taxes इतने व्यापक हुआ करते थे कि tax में चोरी करना स्वभाव बन गया था I एक ज़माना था, विदेश की चीज़ों को लाने के सम्बन्ध में कई restriction थे, तो smuggling भी उतना ही बढ़ जाता था, लेकिन धीरे-धीरे वक्त बदलता गया है I अब करदाता को सरकार की कर-व्यवस्था से जोड़ना अधिक मुश्किल काम नहीं है, लेकिन फिर भी पुरानी आदतें जाती नहीं हैं I एक पीढ़ी को अभी भी लगता है कि भाई, सरकार से दूर रहना ज्यादा अच्छा है I मैं आज आपसे आग्रह करना चाहता हूँ कि नियमों से भाग कर के हम अपने सुख-चैन गवाँ देते हैं I कोई भी छोटा-मोटा व्यक्ति हमें परेशान कर सकता है I हम ऐसा क्यों होने दें ? क्यों न हम स्वयं अपनी आय के सम्बन्ध में, अपनी संपत्ति के सम्बन्ध में, सरकार को अपना सही-सही ब्यौरा दे दें I एक बार पुराना जो कुछ भी पड़ा हो, उससे मुक्त हो जाइए  I इस बोझ से मुक्त होने के लिए मैं देशवासियो को आग्रह करता हूँ I जिन लोगों के पास Undisclosed Income है, अघोषित आय है, उनके लिए भारत सरकार ने एक मौका दिया है कि आप अपनी अघोषित आय को घोषित कीजिये I सरकार ने 30 सितम्बर तक अघोषित आय को घोषित करने के लिए विशेष सुविधा देश के सामने प्रस्तुत की है I जुर्माना देकर के हम अनेक प्रकार के बोझ से मुक्त हो सकते हैं I मैंने ये भी वादा किया है कि स्वेच्छा से जो अपने मिल्कियत के सम्बन्ध में, अघोषित आय के सम्बन्ध में सरकार को अपनी जानकारी दे देंगे, तो सरकार किसी भी प्रकार की जांच नहीं करेगी I इतना धन कहाँ से आया, कैसे आया - एक बार भी पूछा नहीं जाएगा और इसलिए मैं कहता हूँ कि अच्छा मौका है कि आप एक पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बन जाइए I साथ-साथ मैं देशवासियों को कहना भी चाहता हूँ कि 30 सितम्बर तक की ये योजना है, इसको एक आखिरी मौका मान लीजिए I मैंने बीच में हमारे सांसदों को भी कहा था कि 30 सितम्बर के बाद अगर किसी नागरिक को तकलीफ़ हो, जो सरकारी नियमों से जुड़ना नही चाहता है, तो उनकी कोई मदद नही हो सकेगी I मैं देशवासियों को भी कहना चाहता हूँ कि हम 30 सितम्बर के बाद ऐसा कुछ भी ना हो, जिससे आपको कोई तकलीफ़ हो, इसलिए भी मैं कहता हूँ, अच्छा होगा 30 सितम्बर के पहले आप इस व्यवस्था का लाभ उठाएँ और 30 सितम्बर के बाद संभावित तकलीफों से अपने-आप को बचा लें I
    मेरे देशवासियो, आज ये बात मुझे ‘मन की बात’ में इसलिए करनी पड़ी कि अभी मैंने हमारे जो Revenue विभाग - Income Tax, Custom, Excise - उनके सभी अधिकारियों के साथ मैंने एक दो-दिन का ज्ञान-संगम किया, बहुत विचार-विमर्श किया और मैंने उनको साफ-साफ शब्दो में कहा है कि हम नागरिकों को चोर न मानें | हम नागरिकों पर भरोसा करें, विश्वास करें, hand-holding  करें | अगर वे नियमों से जुड़ना चाहते हैं, उनको प्रोत्साहित करके प्यार से साथ में ले आएँ | एक विश्वास का माहौल पैदा करना आवश्यक है I हमारे आचरण से हमें बदलाव लाना होगा | Taxpayer को विश्वास दिलाना होगा I मैंने बहुत आग्रह से इन बातों को उनसे कहा है और मैं देख रहा था कि उनको भी लग रहा है कि आज जब देश आगे बढ़ रहा है, तो हम सबने योगदान देना चाहिए | और इस ज्ञान-संगम में जब मैं जानकारियाँ ले रहा था, तो एक जानकारी मैं आपको भी बताना चाहता हूँ I आप में से कोई इस बात पर विश्वास नहीं करेगा कि सवा-सौ करोड़ के देश में सिर्फ और सिर्फ डेढ़ लाख लोग ही ऐसे हैं, जिनकी Taxable Income पचास लाख रूपये से ज्यादा है I ये बात किसी के गले उतरने वाली नहीं है I पचास लाख से ज्यादा Taxable Income  वाले लोग बड़े-बड़े शहरो में लाखों की तादाद मे दिखते हैं I एक-एक करोड़, दो-दो करोड़ के Bungalow देखते ही पता चलता है कि ये कैसे पचास लाख से कम आय के दायरे में हो सकते हैं I इसका मतलब कुछ तो गड़बड़ है, इस स्थिति को बदलना है और 30 सितम्बर के पहले बदलना है I सरकार को कोई कठोर कदम उठाने से पहले जनता-जनार्दन को अवसर देना चाहिए और इसलिए मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, अघोषित आय को घोषित करने का एक स्वर्णिम अवसर है I दूसरे प्रकार से, 30 सितम्बर के बाद होने वाले संकटों से मुक्ति का एक मार्ग है I मैं देश की भलाई के लिये, देश के गरीबों के कल्याण के लिये आपको इस काम में आने के लिए आग्रह करता हूँ और मैं नही चाहता हूँ कि 30 सितम्बर के बाद आपको कोई तकलीफ़ हो I
    मेरे प्यारे देशवासियो, इस देश का सामान्य मानव देश के लिए बहुत-कुछ करने के लिए अवसर खोजता रहता है I जब मैंने लोगों से कहा - रसोई गैस की subsidy छोड़ दीजिये, इस देश के एक करोड़ से ज्यादा परिवारों ने स्वेच्छा से subsidy छोड़ दी I मैं खास करके जिनके पास अघोषित आय है, उनके लिए एक खास उदाहरण प्रस्तुत करना चाहता हूँ I मैं कल Smart City के कार्यक्रम के निमित्त पुणे जब गया था, तो वहाँ मुझे श्रीमान चन्द्रकान्त दामोदर कुलकर्णी और उनके परिवारजनों से मिलने का सौभाग्य मिला I मैंने उनको खास मिलने के लिए बुलाया था और कारण क्या है, जिसने कभी भी कर चोरी की होगी, उनको मेरी बात शायद प्रेरणा दे या ना दे, लेकिन श्रीमान चन्द्रकान्त कुलकर्णी की बात तो ज़रूर प्रेरणा देगी I आप जानते हैं, क्या कारण है? ये चन्द्रकान्त कुलकर्णी जी एक सामान्य मध्यम-वर्गीय परिवार के व्यक्ति हैं I सरकार में नौकरी करते थे, retire हो गए, 16 हजार रुपया उनको pension मिलती है I और मेरे प्यारे देशवासियो, आपको ताज्जुब होगा और जो कर-चोरी करने की आदत रखते हैं, उनको तो बड़ा सदमा लगेगा कि ये चन्द्रकान्त जी कुलकर्णी हैं, जिन्हें सिर्फ 16 हजार रूपये का pension मिलता है, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने मुझे चिट्ठी लिखी और कहा था कि मैं मेरे 16 हजार रुपये के pension में से हर महीने 5 हजार रुपया स्वच्छता अभियान के लिए donate करना चाहता हूँ और इतना ही नहीं, उन्होंने मुझे 52 Cheque, Fifty Two Cheque, post-dated, जो कि हर महीना एक-एक Cheque  की date  है, Cheque  भेज दिए हैं I जिस देश का एक सरकारी मुलाज़िम निवृत्ति के बाद सिर्फ 16 हजार के pension  में से 5 हजार रुपया स्वच्छता के अभियान के लिए दे देता हो, इस देश में कर चोरी करने का हमें हक़ नहीं बनता है I चन्द्रकान्त कुलकर्णी से बड़ा कोई हमारी प्रेरणा का कारण नहीं हो सकता है | और स्वच्छता अभियान से जुड़े हुये लोगों के लिए भी चन्द्रकान्त कुलकर्णी से बड़ा उत्तम उदाहरण नहीं हो सकता है I मैंने चन्द्रकान्त जी को रूबरू बुलाया, उनसे मिला, मेरे मन को उनका जीवन छू गया I उस परिवार को मैं बधाई देता हूँ और ऐसे तो अनगिनत लोग होंगे, शायद हो सकता है, मेरे पास उनकी जानकारी न हो, लेकिन यही तो लोग हैं, यही तो लोक-शक्ति है, यही तो ताकत है I 16 हजार की pension वाला व्यक्ति, दो लाख साठ हजार के Cheque advance में मुझे भेज दे, क्या ये छोटी बात है क्या ? आओ, हम भी अपने मन को जरा टटोलें, हम भी सोचें कि सरकार ने हमारी आय को घोषित करने के लिये अवसर दिया है, हम भी चन्द्रकान्त जी को याद करके, हम भी जुड़ जाएँ I
    मेरे प्यारे देशवासियो, उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल से संतोष नेगी जी ने phone  करके अपना एक अनुभव  share किया है | जल संचय की बात पर उन्होंने मुझे संदेश दिया है I उनका ये अनुभव देशवासियो, आपको भी काम आ सकता है: -
    “हमने आपकी प्रेरणा से अपने विद्यालय में वर्षा जल ऋतु शुरू होने से पहले ही 4 फीट के छोटे-छोटे ढाई-सौ गड्ढे खेल के मैदान के किनारे-किनारे बना दिए थे, ताकि वर्षा जल उसमें समा सके | इस प्रक्रिया में खेल का मैदान भी खराब नहीं हुआ, बच्चों के डूबने का खतरा भी नहीं हुआ और करोड़ों लीटर पानी मैदान का हमने वर्षा जल सब बचाया है |”       
संतोष जी, मैं आपका अभिनन्दन करता हूँ कि आपने मुझे ये संदेश दिया और पौड़ी गढ़वाल, पहाड़ी इलाका और वहाँ भी आपने काम किया, आप बधाई के पात्र हैं I और मुझे विश्वास है कि देशवासी भी बारिश का तो मज़ा ज़रूर लें, लेकिन ये परमात्मा का दिया हुआ प्रसाद है, ये अपरंपार संपत्ति है I एक-एक बूँद जल का बचाने के लिये हम कुछ-न-कुछ प्रयास करें I गाँव का पानी गाँव में, शहर का पानी शहर में हम कैसे रोक लें ? ये पृथ्वी माता को फिर से एक बार recharge करने के लिये हम उस पानी को फिर से जमीन में वापस कैसे भेजें ? जल है, तभी तो कल है, जल ही तो जीवन का आधार है I पूरे देश में एक माहौल तो बना है, पिछले दिनों हर राज्य में, जल संचय के अनेक प्रकल्प किये हैं I लेकिन, अब जब जल आया है, तो देखिये, कहीं चला तो न जाये | जितनी चिंता जीवन को बचाने की है, उतनी ही चिंता जल बचाने की होनी चाहिये I
    मेरे प्यारे देशवासियो, आप तो जानते हैं, उन्नीस सौ बाईस नम्बर अब तो आपके याददाश्त का हिस्सा बन गया है | One Nine Two Two, उन्नीस सौ बाईस | ये उन्नीस सौ बाईस ऐसा नंबर है, जिस पर अगर आप missed call करें तो आप ‘मन की बात’ को अपनी पसंदगी की भाषा में सुन सकते हैं I अपने समय के अनुसार, अपनी भाषा में, मन की बात सुन करके देश की विकास यात्रा में योगदान देने का आप भी मन बना लें I
    सभी देशवासियो को बहुत-बहुत नमस्कार I धन्यवाद I  

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